Saturday, November 21, 2020

वाहन क्रय करने का शुभ मुहूर्त

वाहन क्रय करने का मुहूर्त -

नक्षत्र - अश्वनी, पुष्य, अभिजीत,हस्त, रेवती, धनिष्ठा, मृर्गशीर्ष, स्वाती, शततारा, पुनर्वसु, नक्षत्रों मे। 
रिक्ता तिथि(४, ९,१४)और मंगलवार, शनिवार,बुधवार, को छोड़कर शेष तिथि वारों में वाहन से सम्बन्धित सभी कार्य ( क्रय-विक्रय) शुभ कहे गये हैं। 
👉
(चर संज्ञक नक्षत्र) स्वाती पुनर्वसु श्रवण, धनिष्ठा, शततारका तथा सोमवार में प्रथम वार वाहन चलाना शुभ होता है। 
- डॉ मुकेश ओझा
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सलाहकार

Saturday, October 24, 2020

राहुकाल

राहुकाल  दिन में एक मुहूर्त (४८ मिनट) की अवधि होती है जो अशुभ मानी जाती है। यह स्थान और तिथि के साथ अलग अलग होता है, अर्थात अलग अलग स्थान के लिए राहुकाल बदलता रहता है। यह अंतर समयक्षेत्र में अंतर के कारण होता है। मान्यता अनुसार किसी भी पवित्र, शुभ या अच्छे कार्य को इस समय आरंभ नहीं करना चाहिए। राहुकाल प्रायः प्रारंभ होने से दो घंटे तक रहता है। पौराणिक कथाओं और वैदिक शास्त्रों के अनुसार इस समय अवधि में शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए |

राहुकाल सप्ताह के सातों दिन में निश्चित समय पर लगभग ९० मिनट तक रहता है। इसे अशुभ समय के रुप मे देखा जाता है और इसी कारण राहु काल की अवधि में शुभ कर्मो को यथा संभव टालने की सलाह दी जाती है। राहु काल अलग-अलग स्थानों के लिये अलग-अलग होता है। इसका कारण यह है की सूर्य के उदय होने का समय विभिन्न स्थानों के अनुसार अलग होता है। इस सूर्य के उदय के समय व अस्त के समय के काल को निश्चित आठ भागों में बांटने से ज्ञात किया जाता है। सप्ताह के प्रथम दिवस अर्थात सोमवार के प्रथम भाग में कोई राहु काल नहीं होता है। यह सोमवार को दूसरे भाग में, शनिवार को तीसरे भाग, शुक्रवा को चौथे भाग, बुधवार को पांचवे भाग, गुरुवार को छठे भाग, मंगलवार को सातवे तथा रविवार को आठवे भाग में होता है। यह प्रत्येक सप्ताह के लिये निश्चित रहता है।
इस गणना में सूर्योदय के समय को प्रात: ०६:०० ( भा.स्टै.टा) बजे का मानकर एवं अस्त का समय भी सांयकाल ०६:०० बजे का माना जाता है। इस प्रकार मिले १२ घंटों को बराबर आठ भागों में बांटा जाता है। इन बारह भागों में प्रत्येक भाग डेढ घण्टे का होता है। हां इस बात का ध्यान रखा जाता है कि वास्तव में सूर्य के उदय के समय में प्रतिदिन कुछ परिवर्तन होता रहता है और इसी कारण से ये समय कुछ खिसक भी सकता है। अतः इस बारे में एकदम सही गणना करने हेतु सूर्योदय व अस्त के समय को पंचांग से देख आठ भागों में बांट कर समय निकाल लेते हैं जिससे समय निर्धारण में ग़लती होने की संभावना भी नहीं रहती है।
-डॉ मुकेश ओझा
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सलाहकार

Sunday, July 5, 2020

चुनाव

बिहार कि राजनिति
 राजनीति को समझने के लिए एक कहानी बताता हूं।
एक कैदी को दण्ड स्वरूप दो विकल्प दिया गया पहला लगातार 10 किलो कच्चा प्याज खाने का।
 दूसरा 1000 कोड़ा खाने का कैदी ने सोचा 1000 कोड़ा खाने पर तो मैं मर ही जाऊंगा क्यों ना 10 किलो प्याज खा लें, और वह प्याज खाने लगा 1 किलो प्याज खाने के बाद, उसको लगा कि अब एक भी प्याज खाया तो मर जाऊंगा, प्याज का तेज उसको सहन नहीं हो रहा था।
 अतः उसने कोड़ा खाने का सजा चुना और उसको कोड़ा मारा गया 200 कोड़ा खाने के बाद उसको लगा अब एक भी कोडा खाया तो मर जाऊंगा। अत: उसने पुनः प्याज खाना स्वीकार किया और यह सिलसिला चलता रहा वह कभी प्याज तो कभी कोडा खाता। परन्तु दोनो मे से कोई भी लगातार नही खाता। जिसके कारण उसका 1000 कोडा या 10 किलो प्याज का सजा जब तक वह मर नही गया तब तक समाप्त नही हुआ।
बन्धुओं अब आते हैं चुनाव पर -
 बिहार चुनाव का भी यही स्थिति है बिहार का जनता कभी राजद को तो कभी जदयू का चयन करती है और यह सिलसिला 30 वर्षों से चल रहा है और बिहार अपनी दुर्दशा को प्राप्त हो रहा है और इन दोनो पार्टियों के कुकर्मों को झेल रहा है। 
👉 बिहार के लोगों को अब कोई तीसरा विकल्प चुनना चाहिए। बिहार के लोग कब तक कोड़ा और प्याज जदयू और राजद राजद और जदयू करेंगे। अब बिहार के लोगों को इन दोनों पार्टियों को उखाड़ फेंकना चाहिए।
और एक समृद्ध बिहार का निर्माण करना चाहिये।
 जय भारत ! जय बिहार!
- डॉ मुकेश ओझा 
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सलाहकार

Saturday, July 4, 2020

गुरु पूजन पद्धति

गुरु पूजन पद्धति

|| ॐ श्री गणेशाय: नमः 
| ॐ श्री सरस्वत्यै नमः 
||ॐ श्री गुरुभ्यो नमः    

जय गुरुदेव

ॐश्री गुरुचरणकमलेभ्यो नमः

ध्यानम्🙏
नारायणं पद्मभवं वसिष्ठं शक्तिं च तत्पुत्रपराशरं च।
व्यासं शुकं गौडपदं महान्तं गोविन्दयोगीन्द्रमथास्य शिष्यम्॥

श्री शंकराचार्यमथास्य पद्मपादं च हस्तामलकं च शिष्यम्।
तं त्रोटकं वार्त्तिककारमन्यान् अस्मतगुरून् सन्ततमानतोस्मि॥

श्रुतिस्मृतिपुराणानां आलयं करुणालयं।
नमामि भगवत्पादं शङ्करं लोकशङ्करम्॥

शङ्करं शङ्कराचार्य केशवं बादरायणम्।
सूत्रभाष्यकृतौ वन्दे भगवन्तौ पुनः पुनः॥

|| सदाशिव समारम्भाम् शंकराचार्य मध्यमाम् ।
अस्मद् आचार्य पर्यन्ताम् वंदे गुरु परम्पराम् ||

॥ॐ समस्तजनकल्याणे निरतं करुणामयम् ।
नमामि चिन्मयं देवं सद्गुरुं ब्रह्मविद्वरम् ॥

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुरेव परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥

प्रत्यक्ष / मानस पूजा :- 

१ ॐ लं पृथ्व्यात्मकं गन्धं परिकल्पयामी । 
श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏
गुरुदेव! मै पृथ्वी रूपी गंध चन्दन आपको अर्पित करता हूँ। 
२- ॐ हम आकाशात्मकं पुष्पम परिकल्पयामी।
श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏
गुरुदेव! मै आकाश रूप पुष्प आपको अर्पितकर्ता हूँ । 

३- ॐ यम वायवातंकम  धूपम  परिकल्पयामी।
 श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏
गरुदेव!  मै वायु रूप में धुप आपको अर्पित करता हूँ । 

४- ॐ रम वह्यतमकम  दीपं दर्शयामि । 
श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏

गुरुदेव! मै अग्निदेव रूप मे दीपक आपको प्रदान करता हूँ।

५- ॐ वम अमृतात्मकम  नैवेद्यम निवेदयामि । 
श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏

गुरुदेव!  मै  अमृत  के सामान नैवेद्य आपको निवेदन करता हूँ  । 

६- ॐ सोम  सर्वात्मकं सर्वोपचारम  समर्पयामि  । 
श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः।🙏

गुरुदेव! मै सर्वात्मा के रूप में संसार के सभी उपचारो को आपके चरणो में समर्पित करता हूँ। 

इस प्रकार उपरोक्त मंत्रो से गुरुदेव का पूजा करें। 
यदि गुरुदेव पास न हों तो
इस प्रकार उपरोक्त मंत्रो से गुरुदेव का मानस पूजा करें। 
-  डॉ मुकेश ओझा
#ज्योतिष एवं #आध्यात्मिक सलाहकार

Friday, July 3, 2020

आदर्श सरपंच और मुखिया

ये सरपंच भक्ति शर्मा हैं..

अमेरिका से लौटी हैं  अब मध्यप्रदेश में एक ग्राम पंचायत की सरपंच है।  इनके गांव में बहुत सारे खास काम होते हैं, यहां एक सरपंच योजना चलती है.. किसान को मुआवजा मिलता है। हर आदमी का बैंक अकाउंट है और हर खेत का मृदा कार्ड.. कुछ ही वर्षों में इन्होंने अपने गांव की तस्वीर बदल दी है.. पढ़िए इनकी सफलता की कहानी...  
भक्ति शर्मा ने एमए राजनीति शास्त्र से किया है, अभी वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। भोपाल जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर बरखेड़ी अब्दुल्ला ग्राम पंचायत है। इस पंचायत में कुल 2700 जनसँख्या है जिसमे 1009 वोटर हैं। ओडीएफ हो चुकी इस पंचायत में आदर्श आंगनबाड़ी से लेकर हर गली में सोलर स्ट्रीट लाइटें हैं।
“सरपंच बनते ही सबसे पहला काम हमने गांव में हर बेटी के जन्म पर 10 पौधे लगाना और उनकी माँ को अपनी दो महीने की तनख्वाह देने का फैसला लेकर किया। पहले साल 12 बेटियां पैदा हुई, माँ अच्छे से अपना खानपान कर सके इसलिए अपनी यानि सरपंच की तनख्वाह ‘सरपंच मानदेय’ के नाम से शुरू की।”

भक्ति ने कहा, “हमारी पहली ऐसी ग्राम पंचायत बनी जहाँ हर किसान को उसका मुआवजा मिला। हर ग्रामीण का राशनकार्ड, बैंक अकाउंट, मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। इस समय पंचायत का कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। महीने में दो से तीन बार फ्री में हेल्थ कैम्प लगता है। 
भक्ति ने कहा, “हमारी पहली ऐसी ग्राम पंचायत बनी जहाँ हर किसान को उसका मुआवजा मिला। हर ग्रामीण का राशनकार्ड, बैंक अकाउंट, मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। पहले साल में 113 लोगों को पेंशन दिलानी शुरू की, इस समय पंचायत का कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। महीने में दो से तीन बार फ्री में हेल्थ कैम्प लगता है, जिससे पंचायत का हर व्यक्ति स्वस्थ्य रहे।”
ग्राम पंचायत का कोई भी काम भक्ति अपनी मर्जी से नहीं करती हैं। वर्ष 2016-17 में 10 ग्राम सभाएं हो चुकी हैं, पंचों की बैठक समय-समय पर अलग से होती रहती है। जब ये सरपंच बनी थीं तो इस पंचायत में महज नौ शौचालय थे अभी ये पंचायत ओडीएफ यानि खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है। भक्ति का कहना है, “हमने पंचायत में कोई भी काम अलग से नहीं किया, सिर्फ सरकारी योजनाओं को सही से लागू करवाया है। पंच बैठक में जो भी निर्धारित करते हैं वही काम होता है। ढ़ाई साल में बहुत ज्यादा विकास तो नहीं करवा पाए हैं क्योंकि जब हम प्रधान बने थे उस समय गांव की सड़कें ही पक्की नहीं थी, इसलिए पहले जरूरी काम किए।”
भक्ति ने अपने प्रयासों से अपनी पंचायत को सरकार की मदद से एक बड़ा सामुदायिक भवन पास करा लिया है। भक्ति का कहना है, “आगामी छह महीने में इस भवन में डिजिटल क्लासेज शुरू हो जायेंगी, जो पूरी तरह से सोलर से चलेंगी। इसमें महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर, और चरखा केंद्र खुलेगा। किसानों के लिए समय-समय पर बैठकें होंगी, जिससे वो खेती के आधुनिक तरीके सीख सकें। बच्चों के लिए तमाम तरह की गतिविधी होंगी जिससे उन्हें गांव में शहर जैसी सुविधाएँ मिल सकें।”
पंचायत की हर महिला निडर होकर रात के 12 बजे भी अपनी पंचायत में निकल सके भक्ति शर्मा की ऐसी कोशिश है। भक्ति ने कहा, “पंचायत की हर बैठक में महिलाएं ज्यादा शामिल हों ये मैंने पहली बैठक से ही शुरू किया। मिड डे मील समिति में आठ महिलाएं है। महिलाओं की भागीदारी पंचायत के कामों में ज्यादा से ज्यादा रहे जिससे उनकी जानकारी बढ़े और वो अपने आप को सशक्त महसूस करें।”
पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से ग्राम पंचायत में पानी की बहुत समस्या है। पीने के पानी के लिए तो सबमर्सिबल लगा है लेकिन खेती को समय से पानी मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। भक्ति का कहना है, “जिनके पास 10-12 एकड़ जमीन है, हमारी कोशिश है वो हर एक किसान कम से कम एक एकड़ में जैविक खेती जरुर करें। बहुत ज्यादा संख्या में तो नहीं लेकिन किसानों ने जैविक खेती करने की शुरुआत कर दी है।”👏🇮🇳🌾

Tuesday, June 16, 2020

21 जून 2020 सूर्य ग्रहण का फल- स्पर्श- मोक्ष

21 जून 2020

सूर्य ग्रहण काशी मे
स्पर्श - 10बजकर 31मिनट पर

मध्य - 12बजकर 18 मिनट पर

मोक्ष - 2बजकर4 मिनट पर दिन मे।

ग्रहण का सुतक 20 जून 2020 को रात्रि 10बजकर 31 मिनट से लग जाएगा।

#ग्रहण_फल

बारह राशियों के लिये ग्रहण देखने पर क्या फल प्राप्त होगा?

यथा-

मेष- श्रीप्राप्ति

वृष- क्षति

मिथुन - घात

कर्क - हानि

सिंह - लाभ

कन्या - सुख

तुला - माननाश

वृश्चिक - मृत्युतुल्यकष्ट

धनु - स्त्रीपीडा

मकर - सौख्य

कुम्भ - चिंता

मीन - व्यथा
🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺

ग्रहण काल मे सभी लोगों को भगवन नाम संकिर्तन करना चाहिये या किसी मंत्र का जप करना चाहिये।

ग्रहणकाल का समय काशी के अनुसार है। आप अपने स्थान का संसोधन कर सकते हैं।

-डाॅ. मुकेश ओझा

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सलाहकार