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Tuesday, September 17, 2019

विश्वकर्मा जयन्ती 17 सितम्बर को ही क्यों?

विश्वकर्मा जयन्ती 17 सितम्बर को ही क्यों?

भगवान विश्वकर्मा की जयंती वर्षा ऋतु के अंत और शरद ऋतु के शुरू में मनाए जाने की परंपरा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसी दिन सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। चूंकि सूर्य की गति अंग्रेज़ी तारीख से संबंधित है, इसलिए कन्या संक्रांति भी प्रतिवर्ष 17 सितंबर को पड़ती है। जैसे मकर संक्रांति अमूमन 14 जनवरी को ही पड़ती है। ठीक उसी प्रकार कन्या संक्रांति भी प्राय: 17 सितंबर को ही पड़ती है। इसलिए विश्वकर्मा जयंती भी 17 सितंबर को ही मनायी जाती है।
-डॉ मुकेश ओझा
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सलाहकार